निठल्ले की डायरी by Harishankar Parsai

एक आलसी, व्यंग्यपूर्ण नजरिए से लिखी स्मृतिचित्रात्मक डायरी जिसमें रोज़मर्रा के तर्कहीन युद्ध, नौकरशाही, पितृसत्तात्मकता और सामाजिक पाखण्ड पर तीखे हास्य और कटु व्यंग्य के जरिए चोट की जाती है; छोटे-छोटे किस्सों और मनोवैज्ञानिक टिप्पणियों के माध्यम से पात्रों और व्यवस्थाओं की अनदेखी कमियों को उजागर करते हुए पाठक को हँसाते‑हँसाते सोचने पर मजबूर कर देता है।

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Published
Unknown
Nationality
Indian
Length
Unknown
Pages
Unknown
Original Language
Hindi
Avg User Rating
(4.0)
Alternate Titles
- Nithalle Ki Diary

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